नगर समाजवादी पार्टी ने दिया दलित परिवार को 25 हजार रूपये का आर्थिक योगदान
नेताओं द्वारा गरीबांे के घरों मे खाना खाने से नहीं होगी गरीबी दूर, आवश्यक कदम उठाने की है आवश्यकता-अरशद जमाल
मऊनाथ भंजन। गत 11 सितम्बर को राहुल गाँधी का मऊ आगमन हुआ था। नगर में आगमन से पूर्व श्री गाँधी ने बड़े गाँव में एक दलित परिवार के घर रूक कर भोजन किया था। श्री राहुल गाँधी के दलित परिवार में भोजन करने के बाद मीडिया में कई दिनों तक खबरें आती रहीं। खबरों में बताया गया था कि स्वामीनाथ नामक जिस दलित परिवार के व्यक्ति के वहां भोजन किया था उसके ऊपर सहकारी बैंक का 50 हजार रूपये का कर्ज है। इतना ही नहीं, यह भी खबरें आयी थीं कि स्वामी नाथ के घर में रोटी के लिये आटा नहीं था तो उसने अपने पड़ोसी से आटा भी उधार लिया था।
इन खबरों की जानकारी के बाद आज समाजवादी पार्टी की नगर इकाई ने नगर पालिका परिषद मऊ के अध्यक्ष प्रतिनिधि व पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल के नेतृत्व में दलित बस्ती में जा कर परिवार को पच्चीस हजार रूपये की नगद आर्थिक सहायता दी। श्री जमाल को परिवार के सदस्यों ने बताया कि हमारे पास रहने के लिये जो घर है वह बारिश में टपक्ता है और हमारे ऊपर सहकारी बैंक का पचास हजार रूपये का कर्ज भी है। जब उनसे पूछा गया कि राहुल गाँधी ने आपकी कोई आर्थिक सहायता की तो परिवार ने किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता मिलने से इनकार किया। परिवार के लोगों ने बताया कि राहुल गाँधी के आने से भले ही कोई आर्थिक सहायता न मिली हो लेकिन हमारा सम्मान हुआ है। पूर्व पालिका अध्यक्ष ने बस्ती के लोगों की दयनीय स्थिति को देखते हुये उन्हें आश्वस्त किया है कि वह जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से बात करके मूलभूत आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने अन्य सामाजिक और राजनैतिक दलों से भी दलित परिवार की सहायता के लिये अनुरोध किया है। श्री जमाल ने अपने बयान में कहा है कि नेताओं के द्वारा गरीबों के घरों में भोजन करने से उनकी गरीबी खत्म नहीं होगी बल्कि उनकी समस्याओं के निदान के लिये उपाय करने का प्रयास करना होगा।
श्री जमाल ने बताया कि दम्पति स्वामीनाथ एवं उनकी पत्नी रुकमनी से एक 22 वर्षीय पुत्री बेबी, एक 18 वर्षीय पुत्री बीना, एक 15 वर्षीय पुत्र बब्बन एवं एक 12 वर्ष की छोटी पुत्री बन्दना के पालन पोषण में काफी दिक्कतें झेल रहे हैं। दिक्कतें झेल रहे दलित से मिलकर उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाने का मेरा उद्देश्य यही है कि उनके परिवार को कर्ज से मुक्ति मिल सके तथा उनके बच्चों की शिक्षा में सहायक हो सके। इस अवसर पर स्वामी नाथ ने श्री जमाल को बताया है कि मेरी पढ़ाई इस वजह से छूट गयी कि मेरे आर्थिक हालात ठीक नहीं थे। इस अवसर पर पूरी बस्ती की महिलायें और पुरूष इकट्ठा हो गये और उन्होंने श्री जमाल से अनुरोध किया कि आपने जैसे मऊ नगर का विकास कर के हर सुविध से मऊ नगर को लैस कर दिया है वैसे ही यदि हमारी बस्ती पर आपकी नजर पड़ जाती तो हमारे दिन भी बदल जाते। उन लोगों ने यह भी अनुरोध किया कि यदि हमारा गांव भी नगर पालिका में सम्मिलित हो जाये तो हमारी बस्ती का भी विकास हो जाता।